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सहजन में छुपा है कई रोगों का इलाज, जानें इसके कुछ बेहद खास गुणों को ...

सहजन (ड्रमस्टिक्स) या मुनगा जड़ से लेकर फूल और पत्तियों तक सेहत का खजाना है। सहजन के ताजे फूल हर्बल टॉनिक है। इसका वनस्पति नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। इसकी पत्ती में कई ऐसे पोषक तत्व पाए गए हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी लाभदायक हैं। फिलीपीन्स, मैक्सिको, श्रीलंका, मलेशिया आदि देशों में भी सहजन का उपयोग बहुत अधिक किया जाता है। दक्षिण भारत में व्यंजनों में इसका उपयोग खूब किया जाता है। सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और छाल पत्ती, गोंद, जड़ आदि से आयुर्वेदिक दवाएं तैयार की जाती हैं। आयुर्वेद में 300 रोगों का सहजन से उपचार बताया गया है। इसीलिए आज हम आपको परिचित करवाने जा रहे हैं। सहजन की कुछ खास उपयोगिताओं व इसके गुणों से ...... -  सहजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। एक अध्ययन के अनुसार इसमें दूध की तुलना में 4 गुना  कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। प्राकृतिक गुणों से भरपूर सहजन इतने औषधीय गुणों से भरपूर है कि इसकी फली के अचार और चटनी कई बीमारियों से मुक्ति दि...

दिमाग के लिए बेहतरीन टॉनिक का काम करती हैं ये 14 चीजें

क्या आप अक्सर छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं। क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप जरूरी बात भी भूल गए हों। जिन लोगों की भूलने की आदत होती है, वे बाद में कोई बात याद आने पर ये सोचते हैं कि इतनी जरूरी बात भूल कैसे गए। आज हम बताने जा रहे हैं कुछ खास ब्रेन फूड। ये ब्रेन फूड ऐसे हैं, जिन्हें खाने से अल्जाइमर रोग नहीं होता है। साथ ही, दिमाग का पावर भी बढ़ता है।   टमाटर-  खट्टा-मीठा टमाटर खाने के जायके को बढ़ाता है। टमाटर में प्रोटीन, विटामिन, वसा आदि तत्व पाए जाते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। टमाटर में लाइकोपिन होता है। यह शरीर की फ्री रैडिकल्स से रक्षा करता है। साथ ही, यह ब्रेन की सेल्स को डैमेज होने से भी बचाता है।   अखरोट-  रोज अखरोट खाने से पोषक तत्वों की कमी दूर हो जाती है। साथ ही, सेहत से जुड़ी कई समस्याएं भी खत्म होती है। अखरोट में ओमेगा 3, फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर और एंटीआक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैंं। थोड़ी अखरोट रोज खाने से याददाश्त बढ़ती है। स्ट्रॉबेरी-  स्ट्रॉबेरी अपनी मनमोहक सुगंध के कारण पूरी दुनिया में बहुत लोकप्रिय है...

दर्द रहित नुस्‍खों से हटायें ब्‍लैक हेड्स

ब्लैक हेड्स ब्‍लैक हेड्स एक आम समस्‍या है जो आमतौर पर ऑयली स्किन पर ज्‍यादा होती है। ओपन पोर्स में जमा ऑयल जब बाहरी हवा के संपर्क में आता है तो वह ब्लैक हेड्स का रूप ले लेता हैं। इसका एक और कारण त्‍वचा की सही तरीके से सफाई न करना भी है। यह ब्‍लैक और वाइट दो रूपों में चेहरे पर दिखाई देता हैं। ब्लैक हेड्स हटाने के उपाय अगर आप ब्लैक हेड्स की समस्‍या से परेशान है तो चिंता न करें। हमारे पास ऐसे पसंदीदा घरेलू उपचार की सूची है जिनको अपनाकर आप त्‍वचा से जबरदस्‍ती किये बिना स्‍वाभाविक रूप से इससे छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा यह आपकी त्‍वचा को साफ रखने और ब्‍लैक हैड्स के मुख्‍य कारण यानि चेहरे और नाक पर से अत्‍यधिक तेल को कम करने में बहुत महत्‍वपूर्ण है। स्‍क्रबिंग स्‍क्रबिंग ब्‍लैक हेड्स से छुटकारा पाने का सबसे अच्‍छा तरीका है। हफ्ते में एक बार जरूर चेहरे पर फेस स्क्रब का इस्तेमाल जरूर करें। चेहरे को स्क्रब करने से त्वचा पर जमी धूल-मिट्टी, अतिरिक्‍त तेल और मृत कोशिकाएं साफ हो जाती है और त्वचा से ब्लैक हेड्स भी साफ हो जाते हैं। बेसन और बादाम पेस्ट बेसन और बादाम के पेस्‍ट को नाक...

जामुन के ये BIG BENEFITS जानेंगे तो इसे खाए बिना नहीं रह पाएंगे

भारत में कई तरह के मौसमी फल आते हैं। हर मौसमी फल का अपना एक विशेष स्वाद होता है। जामुन भी एक ऐसा ही फल है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अनेक रोगों की अचूक दवा भी है। आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य चरक ने अपनी किताब 'चरक संहिता' में वर्णित औषधीय योग 'पुष्यानुग-चूर्ण' में भी जामुन की गुठली मिलाए जाने का विधान है। इस ग्रंथ में जामुन के पूरे पौधे के उपयोग बताया गया है। जामुन की छाल, पत्ते, फल, गुठलियां और जड़ आदि सभी आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में काम आते हैं। जामुन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और कैल्शियम भी बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। जामुन के इन्हीं गुणों को ध्यान में रखते हुए।   चलिए आज जानते हैं जामुन खाने से होने वाले फायदों व इसके उपयोगों के बारे में... क्लिक करें आगे की स्लाइड... - जामुन का सेवन डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे रक्त में शुगर का स्तर नियंत्रित होता है। साथ ही,  यह डायबिटीज के मरीजों को बार-बार प्यास लगने व अधिक बार यूरीन पास होने की समस्या में भी मददगार है। - जामुन और आम का रस बराबर मा...

मस्सों के लिए 10 घरेलू उपचार

मस्सों के लिए उपचार मस्‍से, त्‍वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड से बनते हैं। मस्‍से गर्दन, हाथ, पीठ, चिन, पैर इत्यादि कहीं पर भी हो सकते है। लेकिन चेहरे पर होने पर यह खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं। अगर आप भी मस्‍सों से परेशान है तो त्‍वचा के इन बिन बुलाये मेहमानों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। इन उपायों से आसानी आप मस्‍सों को दूर कर प्राकृतिक सौंदर्य वापस पा सकते हैं। प्‍याज मस्‍सों को समाप्‍त करने के लिए प्‍याज फायदेमंद होता है। इसके लिए एक प्याज रस निकालें और इस रस को नियमित रूप से दिन में एक बार मस्‍सों पर लगाएं। इस उपाय से मस्‍से की समस्‍या दूर हो जाती हैं। अगरबत्ती मस्‍से को समाप्‍त करने के लिए आप अगरबत्ती का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक अगरबत्ती को जला लें और इसके जले हुए गुल को मस्‍से पर लगा कर तुरन्‍त हटा लें। ऐसा 8-10 बार करने से मस्‍सा सूखकर झड़ जाएगा। ध्यान रहे, अगरबत्ती का स्पर्श सिर्फ मस्से पर ही होना चाहिए। आलू आलू का प्रयोग करने से भी मस्‍से कुछ दिनों में समाप्‍त हो जाते हैं। इसके लिए आलू को छीलकर उसकी फांक...

सिर्फ मसाला नहीं औषधि भी है हींग, ये हैं 20 दमदार देसी नुस्खे

हींग का उपयोग भारत में कई सौ सालों से मसाले के रूप में किया जा रहा है। दाल हो या सब्जी, साधारण खाने में हींग का छौंक लगाने से स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। हींग केवल रसोई में काम आने वाला मसाला ही नहीं है, यह एक बेहतरीन औषधि भी है। हींग फेरूला-फोइटिडा नाम के पौधे का रस है। इस पौधे के रस को सुखा कर हींग बनाई जाती है। इसके पौधे 2 से 4 फीट तक ऊंचे होते हैं।  ये पौधे विशेष रूप से ईरान, अफगानिस्तान, तुर्केमिस्तान, बलूचिस्तान, काबुल औैर खुरासान के पहाड़ी क्षेत्रों में होते हैं। वहां से हींग पंजाब और मुंबई आती है। महर्षि चरक के अनुसार, हींग दमा के रोगियों के लिए रामबाण औषधि है। यह कफ का नाश करने वाली, गैस की समस्या से राहत देने वाली, लकवा के रोगियों के लिए फायदेमंद व आंखों के लिए भी बेहद लाभदायक होती है। जानिए इसके कुछ खास उपाय- 1- सौंठ, कालीमिर्च, छोटी पीपल, अजवाइन, सफेद जीरा, काला जीरा, शुद्ध घी में भुनी हींग और सेंधा नमक सब समान मात्रा में लेकर बारीक पीस लें। इस चूर्ण का रोजाना खाने के बाद 2 से 4 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करें। इसके नियमित सेवन से पेट में गैस की समस्या...

जामुन के ये 5 फायदे नहीं जानते होंगे आप

पोषक तत्वों से भरपूर है जामुन गर्मियों के मौसम में जामुन का सेवन करेंगे तो सेहत से जुड़े कई फायदों में रहेंगे। इसमें पोषक तत्वों की प्रचुरता तो है ही, साथ ही यह सेहत से जुड़े कई फायदों का भी सबब है। जामुन में 251 kJ ऊर्जा, 14 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 0.6 फाइबर, 0.23 ग्राम फैट्स व 0.995 ग्राम कई प्रकार के विटामिन, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम आदि मौजूद हैं। डायबिटीज में फायदेमंद जामुन का सेवन डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें ग्लाइकेमिक इंडेक्स कम होता है जिससे रक्त में शुगर का स्तर नियंत्रित होता है। साथ ही, डायबिटीज के मरीजों को बार-बार प्यास लगने वा अधिक बार युरीन पास होने की समस्या में भी मददगार है। हड्डियां और प्रतिरोधी क्षमता इस फल में विभिन्न प्रकार के मिनिरल जैसे कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और विटामिन सी अच्छी मात्रा में है। इसकी वजह से यह हड्डियों के लिए फायदेमंद तो है ही, साथ ही शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। ह‌िमोग्लोबिन बढ़ाता है एन‌िमिक लोगों के लिए जामुन का सेवन संजीवनी बूटी की तरह ही है। अन्नामलाई विश्वविद्यालय के शोध की मानें तो इसके ...